पूर्वांचल का परिचय
इस लेख में हम आप को पूर्वांचल राज्य में कौन कौन से जिले सम्लित हैं और इसका पूर्ण परिचय क्या है इसके बारे में बताएँगे |
परिचय
पूर्वांचल उत्तर प्रदेश पूर्वी हिस्से को मिलाकर बनाया हुआ समझा जाता है, समझा जाता है मैं इस लिए कह रहा हूँ क्योंकि पूर्वांचल राज्य की केवल संकल्पना हुई है इसे मूर्त रूप देने के लिए अभी बहुत संघर्ष करना पड़ेगा |- वैसे तो उत्तर प्रदेश भारत का सबसे अधिक जनसँख्या वाला प्रदेश होते हुए भी जाति और धर्म की राजनीति के कारण बीमारू राज्यों में शामिल है, और उसमे भी पूर्वांचल विकाश के दौर में बहुत पीछे छूट गया है | पूर्वांचल प्रदेश के सबसे पिछड़े क्षेत्र मे से एक के है| प्रदेश का ये हिस्सा कला, संस्कृति और वैभवशाली इतिहास को धारण किये हुए भी यहाँ के नागरिक बुनियादी सुविधाओं की कमी, उचित ग्रामीण शिक्षा और
रोजगार, अंधकारमय कानून और व्यवस्था की समस्या से रोज जूझ रहे हैं। पूर्वांचल
सांस्कृतिक रूप से समृद्ध क्षेत्र है। पूर्वांचल हमेशा उत्तर प्रदेश सरकार
तथा भारत की केन्द्रीय सरकार द्वारा नजरअंदाज़ की गई है।
मंगल पांडे इस क्षेत्र से सबसे प्रमुख स्वतंत्रता सेनानी के एक है। हिंदू धर्म और इसके अन्य भाग बौद्ध धर्म और जैन धर्म की उत्पत्ति पूर्वांचल की ही देंन है।
पूर्वांचल के जिले
वाराणसी
वाराणसी शहर जिसे मंदिरों का शहर भी कहते हैं, उत्तरी भारत की मध्य गंगा घाटी में, गंगा नदी के बायीं ओर के वक्राकार तट पर स्थित है। वाराणसी में विभिन्न कुटीर उद्योग कार्यरत हैं, जिनमें बनारसी रेशमी साड़ी, कपड़ा उद्योग, कालीन उद्योग एवं हस्तशिल्प प्रमुख हैं। बनारसी पान विश्वप्रसिद्ध है और इसके साथ ही यहां का कलाकंद भी मशहूर है। वाराणसी में बाल-श्रमिकों का काम जोरों पर है।दरभंगा घाट वाराणसी
वाराणसी जिसे कशी के नाम से भी जाना जाता है अपने अन्दर भारत का संवृध इतिहास संजोये हुए है | वाराणसी आदि काल और वर्तमान में शिक्षा का केंद्र भी रहा है यहाँ 'कासी हिन्दू विश्व विद्याय' जिसकी उच्च शिक्षा में अपना अलग ही स्थान है |
वाराणसी के उच्चतर माध्यमिक विद्यालय इंडियन सर्टिफिकेट ऑफ सैकेंडरी एजुकेशन (आई.सी.एस.ई), केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सी.बी.एस.ई) या उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (यू.पी.बोर्ड) से सहबद्ध हैं।
जौनपुर
जौनपुर जिला वाराणसी प्रभाग के उत्तर-पश्चिम भाग में स्थित है। जौनपुर की गोमती और सई मुख्य पैतृक नदियों हैं। मिट्टी मुख्य रूप से रेतीले, चिकनी बलुई हैं। जौनपुर अक्सर बाढ़ की आपदा से प्रभावित रहता है। जिले का आर्थिक विकास मुख्य रूप से कृषि पर निर्भर है। इस का मुख्य कारण जिले में भारी उद्योग का अभाव है। कई उद्योग वाराणसी-जौनपुर राजमार्ग के साथ आ रहे हैं।प्रवेश के भीतर, अटाला मस्जिद,
संत रविदास नगर- (भदोही)
भदोही का नाम बदलकर सन्त रविदास नगर कर दिया गया है। उत्तर प्रदेश के पूर्वाचंल क्षेत्र के प्रमुख जनपद वाराणसी से 1996 में बना सन्त रविदास नगर जिला आम जन के द्वारा भदोही नाम से जाना जाता है।भदोही का सीमा इलाहाबाद, जौनपुर, वाराणसी, मीरजापुर की सीमाओं को स्पर्श करता है। भारत के भौगोलिक मानचित्र पर यह जिला मध्य गंगा घाटी में 25.09 अक्षांश उत्तरी से 25.32 उत्तरी अक्षांश तक तथा 82.45 देशान्तर पूर्वी तक फैला है। मीरजापुर के साथ मिलकर संसदीय क्षेत्र बनाने वाले इस जनपद मे 3 विधान सभा क्षेत्र ज्ञानपुर औराई और भदोही हैं।
इस जनपद का मुख्य व्यवसाय कालीन है।
मिर्ज़ापुर
महाकाली, मिर्ज़ापुरप्रमुख आकर्षण
- तारकेश्वर महादेव, मिर्जापुर
- महात्रिकोण, मिर्जापुर
- शिवपुर, मिर्जापुर
- सीता कुंड, मिर्जापुर
- चुनार का किला
- विन्ध्याचल मंदिर
गाज़ीपुर
इसकी स्थापना तुगलक वंश के सैय्यद मसूद ग़ाज़ी द्वारा की गयी थी | इसके प्राचीन नाम गधिपुर था जो कि लगभग सन १३३० में एक मुल्स्लिम शासक, ग़ाज़ी मालिक के सम्मान में ग़ाज़ीपुर कर दिया गया | गाजीपुर, अंग्रेजों द्वारा १८२० में स्थापित, विश्व में सबसे बड़े अफीम के कारखाने के लिए प्रख्यात है | यहाँ हथकरघा तथा इत्र उद्योग भी हैं | ब्रिटिश भारत के गवर्नर जनरल लोर्ड कार्नवालिस की मृत्यु यहीं हुई थी तथा वे यहीं दफन हैं | शहर उत्तर प्रदेश - बिहार सीमा के बहुत नजदीक स्थित है | यहाँ की स्थानीय भाषा भोजपुरी है | यह पवित्र शहर बनारस के ७० की मी पूर्व में स्थित है |प्रमुख आकर्षण
गोरखपुर
गोरखपुर उत्तर प्रदेश राज्य के पूर्वी भाग में एक जिला है। यह गोरखपुर जिला और श्रेणी गोरखपुर का प्रशासनिक मुख्यालय है। गोरखपुर के एक धार्मिक केन्द्र के रूप में मशहूर है: शहर बौद्ध, हिन्दू मुस्लिम, जैन और सिख संतों के लिए घर गया था और नाम मध्ययुगीन संत Gorakshanath के बाद. गोरखनाथ मंदिर अभी नाथ संप्रदाय के लिए प्रसिद्ध है। यह महान संत परमहंस योगानन्द जी का जन्म स्थान है।कुशीनगर
महापरिनिर्वाण प्राप्त बुद्ध की छवि, कुशीनगर
कुशीनगर भारतीय राज्य उत्तर प्रदेश का एक जिला एवं एक एक छोटा सा कस्बा है। इस जनपद का मुख्यालय कुशीनगर से कोई १५ किमी दूर पडरौना में स्थित है। कुशीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग २८ पर गोरखपुर से कोई ५० किमी पूरब में स्थित है। महात्मा बुद्ध का निर्वाण यहीं हुआ था। यहाँ अनेक सुन्दर बौद्ध मन्दिर हैं। इस कारण से यह एक अन्तरराष्ट्रीय पर्यटन स्थल भी है जहाँ मुख्यत: विश्व भर के बौद्ध तीर्थयात्री भ्रमण के लिये आते हैं। कुशीनगर कस्बे के और पूरब बढ़ने पर लगभग २० किमी बाद बिहार राज्य आरम्भ हो जाता है।
देवरिया
श्याम मंदिर, देवरिया
देवरिया भारत के उत्तर प्रदेश प्रान्त का एक शहर एवं जिला मुख्यालय है।
देवरिया जनपद में मुख्य रूप से हिन्दी भाषा बोली जाती है। देवरिया जनपद की कुल जनसंख्या की लगभग ९६ प्रतिशत जनता हिन्दी, लगभग ३ प्रतिशत जनता उर्दू और एक प्रतिशत जनता के बातचीत का माध्यम अन्य भाषाएँ हैं। बोली की बात करें तो ग्रामीण जनता के साथ-साथ अधिकांश शहरी जनता भी प्रेम की बोली भोजपुरी बोलती है।
आजमगढ़
आजमगढ़ उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले का मुख्यालय है। इस शहर की स्थापना लगभग 1665 ई. में विक्रमजीत के पुत्र अजम खान ने करवाई थी। शहर की पूर्व दिशा पर तमसा नदी के तट पर अजम खान ने एक किले का निर्माण करवाया था।मऊ
मऊ उत्तर प्रदेश के मऊ जिला का मुख्यालय है। इसका पूर्व नाम मऊनाथ भंजन) था। अवन्तिकापुरी, गोविन्द साहिब, दत्तात्रेय, दोहरी घाट, दुर्वासा, मेहनगर, मुबारकपुर, महाराजगंज, निजामाबाद और आजमगढ़ मऊ के प्रमुख स्थलों में से है। यह जिला लखनऊ के दक्षिण-पूर्व से 282 किलोमीटर और आजमगढ़ के पूर्व से 56 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यह शहर तमसा नदी के किनारे बसा है। तमसा नदी शहर के बीच से निकलती/गुजरती है। भामऊ जिले के इतिहास को लेकर कई भ्रम है। सामान्यत: यह माना जाता है कि मऊ शब्द तुर्किश शब्द से लिया गया है जिसका अर्थ गढ़, पांडव और छावनी होता है।चंदोली
चंदोली बनारस से निकाल कर बनाया गया है |
महाराजगंज
भारत-नेपाल सीमा के समीप स्थित महाराजगंज उत्तर प्रदेश राज्य का एक जिला है। इसका जिला मुख्यालय महाराजगंज शहर स्थित है। पहले इस जगह को कारापथ के नाम से जाना जाता था। यह जिला नेपाल के उत्तर, गोरखपुर जिले के दक्षिण, पदरूना जिले के पूर्व और सिद्धार्थ नगर व संत कबीर नगर जिले के पश्चिम से घिरा हुआ है। ऐतिहासिक दृष्टि से भी यह काफी महत्वपूर्ण स्थल है।बस्ती
यह भारत के उत्तर प्रदेश प्रान्त का एक शहर और बस्ती जिला का मुख्यालय है। ऐतिहासिक दृष्टि से भी यह स्थान काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। बस्ती जिला संत कबीर नगर जिले के पश्चिम में और गोण्डा के पूर्व में स्थित है। क्षेत्रफल की दृष्टि से भी यह उत्तर प्रदेश का सातवां बड़ा जिला है। प्राचीन समय में बस्ती को 'कौशल' के नाम से जाना जाता था।संत कबीर नगर
संत कबीर नगर जिला उत्तरी भारत के उत्तर प्रदेश राज्य 75 जिलों में से एक है। खलीलाबाद शहर जिला मुख्यालय है| संत कबीर नगर जिला बस्ती मंडल का एक हिस्सा है। यह जिला उत्तर में सिद्धार्थ नगर और महाराजगंज जिलों से पूर्व में गोरखपुर जिले से दक्षिण में अम्बेडकर नगर जिले से और पश्चिम में बस्ती जिला द्वारा घिरा है। इस जिले का क्षेत्रफल 1659.15 वर्ग किलोमीटर है। बखीरा, हैंसर, मगहर और तामा आदि यहां के प्रमुख स्थलों में से हैं। घाघरा, राप्ती,आमी और कुआनो यहां की प्रमुख नदियां है। मगहर एक कस्बा है जो आमी नदी के किनारे स्थित है|मगहर में संत कबीरदास की मृत्यु हुई थी|जिनके नाम पर जिले का नाम पड़ा है|सिद्धार्थ नगर
सिद्धार्थनगर भारतीय राज्य उत्तर प्रदेश का एक जिला है। जिले का मुख्यालय सिद्धार्थनगर है।बलिया
बलिया (भोजपुरी: बलिया | हिन्दी: बलिया उत्तर प्रदेश के भारतीय राज्य में एक नगर निगम के बोर्ड के साथ एक शहर है। शहर की पूर्वी सीमा गंगा और घाघरा के जंक्शन में निहित है। शहर गाजीपुर से 76 किलोमीटर और वाराणसी से 150 किलोमीटर स्थित है। भोजपुरी, हिन्दी की एक बोली, प्राथमिक स्थानीय भाषा है।बलिया भी बागी बलिया (विद्रोही बलिया) के रूप में भारत की आजादी की लड़ाई में अपना महत्वपूर्ण योगदान के लिए जाना जाता है। ने भारत छोड़ो आंदोलन १९४२ बलिया के दौरान ब्रिटिश शासन के समय की एक छोटी अवधि के लिए जब जिला ने सरकार का तख्ता पलट किया और चित्तू पांडे के अधीन एक स्वतंत्र प्रशासन स्थापित स्वतंत्रता प्राप्त की.
सोनभद्र
सोनभद्र भारतीय राज्य उत्तर प्रदेश का एक जिला है। जिले का मुख्यालय राबर्ट्सगंज है।स्वतंत्रता मिलने के लगभग 10 वर्षों तक यह क्षेत्र (तब मिर्जापुर जिले का भाग) अलग-थलग था तथा यहां यातायात या संचार के कोई साधन नहीं थे। पहाड़ियों में चूना पत्थर तथा कोयला मिलने के साथ तथा क्षेत्र में पानी की बहुतायत होने के कारण यह औद्योगिक स्वर्ग बन गया। यहां पर देश की सबसे बड़ी सीमेन्ट फैक्ट्रियां, बिजली घर (थर्मल तथा हाइड्रो), एलुमिनियम एवं रासायनिक इकाइयां स्थित हैं। साथ ही कई सारी सहायक इकाइयां एवं असंगठित उत्पादन केन्द्र, विशेष रूप से स्टोन क्रशर इकाइयां, भी स्थापित हुई हैं।
अंबेडकर नगर किस में आता है
ReplyDeleteपूर्वांचल में
DeleteBohat achi post hai bro nice
ReplyDeleteDosto ap log ye bhi jan lo ye khi ni milega janne ko
Bharat Me Kitne Rajya Hai
Hindustan me kitne rajya hai
Bharat ke kitne rajya hai
India mai kitne state hai
Bharat ke rajya
Bharat ke rajya and rajdhani in hindi
full form of trp in media
tourist place near shirdi
Facts About Holi
वास्तु शास्त्र के अनुसार घर का नक्शा
about vastu shastra
UP Board Result 10th and 12th All Year
UP Board Result 2019 10th And 12th
सबसे पहले तो सादर नमन आप जी को अब चंद शबद आप जी के लिए. जो जय गाथा खिचत् मोहे राम स्नेह निज और. कहूँ राम खुंआरी चहूँ और
ReplyDeleteCoin Casino: Casino Games - CasinoWow
ReplyDeletePlay หารายได้เสริม at CasinoWow and over 2000 online casino games, 인카지노 including Slots, Blackjack, Roulette and Video Poker. Claim 메리트카지노총판 Welcome Bonuses. Get $1000 Welcome Bonus